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मूर्ति निर्माण कमेटी के महामंत्री

मूर्ति निर्माण कमेटी के महामंत्री डॉ. पन्नालाल पापड़ीवाल-पैठण (महा.) का संक्षिप्त परिचय

गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी की ८१वीं जन्मजयंती-अमृत महोत्सव में ८ अक्टूबर-शरदपूर्णिमा को ‘‘गणिनी आर्यिका श्री ज्ञानमती पुरस्कार’’ से सम्मानित हुए डॉ. पन्नालाल जी पापड़ीवाल एक ऐसे विशिष्ट व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने बीसवीं-इक्कीसवीं शताब्दी में जैन संस्कृति के उन्नयन हेतु पूज्य गणिनीप्रमुख श्री ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा से हो रहे सर्वाधिक महान कार्य-‘‘मांगीतुंगी सिद्धक्षेत्र के पर्वत पर अखण्ड पाषाण शिला में भगवान ऋषभदेव की १०८ फुट उत्तुंग विशाल खड्गासन प्रतिमा के निर्माण’’, में अपने मनोबल एवं शक्ति का समर्पण करके विगत कई वर्षों से मांगीतुंगी सिद्धक्षेत्र पर ही रहते हुए मूर्ति निर्माण के कार्य में अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान किया है।

२८ अगस्त १९३४ को देवगांव (रंगारी), ता.-कन्नड़ (औरंगाबाद) महा. में जन्में डॉ. पन्नालाल जी मूर्ति निर्माण कमेटी के यशस्वी महामंत्री हैं, जो सदैव प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका श्री चंदनामती माताजी के मार्गदर्शन तथा मूर्ति निर्माण कमेटी के अध्यक्ष कर्मयोगी पीठाधीश स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामीजी के निर्देशन में अपनी सेवाएँ प्रदान करने हेतु कृतसंकल्पित रहते हैं। ऐसे डॉक्टर साहब का व्यक्तित्व एवं कृतित्व समाज हित के लिए अत्यन्त विशाल रहा है, जिन्होंने अनेकानेक धार्मिक सामाजिक संस्थाओं के उच्च पदों पर आसीन रहकर समाज को महत्वपूर्ण सेवाएँ प्रदान कीं। पेशे से ‘डॉक्टर’ एवं प्रसिद्ध उद्योगपति कहलाने वाले डॉ. पन्नालाल जी ने अपने व्यवसायिक जीवन में भी गरीबों एवं आवश्यकमंद लोगों का नि:स्वार्थ भाव के साथ चिकित्सीय उपचार व परामर्श करके जन सेवा के अनेक कार्य किये हैं।

आइए जानते हैं ऐसे डॉक्टर पन्नालाल जी का संक्षिप्त सामाजिक योगदान