माघ शुक्ला अष्टमी, 15 – फरवरी 2016, ऋषभगिरि – 108 फुट भगवान ऋषभदेव का तप / दीक्षा कल्याणक

ॐ ह्रीं श्री ऋषभदेवाय नमः🙏

🎉🎉🎉🎉🎉🎉🎉🎉🎉
माघ शुक्ला अष्टमी, 15- फरवरी 2016, ऋषभगिरि
– 108 फुट भगवान ऋषभदेव का तप / दीक्षा कल्याणक
– दशलक्षण पर्व: उत्तम सत्य
– सोलहकारण पर्व: बहुश्रुतभक्ति भावना

मांगीतुंगी पंचकल्याणक महामहोत्सव की प्रमुख गतिविधियां
🎉🎉🎉🎉🎉🎉🎉🎉🎉

📍📍📍📍📍📍📍📍📍

🌅 प्रात:काल 🌅

संचालन: पू. प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चंदनामति माताजी, पीठाधीश स्वस्तिश्री रविंद्रकीर्ति स्वामिजी

1. नित्य पंचामृत अभिषेक-पूजन

2. 108 फुट भगवान ऋषभदेव को पिच्छी-कमण्डल प्रदान करने का सौभाग्य प्राप्त किया –

★ पिच्छी: (2008 मयूर पंखोंकी अतिशय सुन्दर पिच्छी) – श्रीमती सुजाता शाह, पुणे, महाराष्ट्र

★ कमण्डल: ( 3 फुट लंबा, 2.5 फुट चौडा विशाल कमण्डल) – श्री विनोद जैन, सिवान, बिहार

3. साधुओं की आहारचर्या

4. भगवान के जन्म कल्याणक की पूजा

5. बालक्रीडा

6. भगवान की युवराज सभा

📍📍📍📍📍📍📍📍📍

☀ मध्यान्ह काल ☀

7. मंगलाचरण एवं भरतनाट्यम नृत्य – द्वारा कु. सिद्धि

8. ईष्ट वंदना – द्वारा जिनेश, अजय, पियूष, प्रशांत पापडीवाल

9. विमोचन –
◆ ऋषभदेव काव्य शतक – लेखिका सौ. त्रिशला जैन, लखनऊ – द्वारा सुरेश जैन, कुलाधिपती (TMU)

10. भक्ति नृत्य – द्वारा त्रिशला महिला मंडल, श्रीरामपुर

11. भगवान ऋषभदेव की राजसभा
◆ भगवान ने ब्राह्मी कन्या को अक्षर लिपि का एवं सुंदरी कन्या को अंक लिपि का ज्ञान दिया

◆ भगवान ने भरत, बाहुबली आदि पुत्रों को विद्याओंका ज्ञान दिया

◆ भगवान ने प्रजा को असि-मसि आदि षट् क्रियाओंका उपदेश दिया

◆ भगवान ऋषभदेव का राज्याभिषेक

◆ नीलांजना का नृत्य देख भगवान को हुआ वैराग्य

◆ लौकांतिक देवों का वैराग्य की अनुमोदना के लिए स्वर्ग से आगमन

◆ भगवान का दीक्षा के लिए पालकी से वन की ओर गमन

12. इंजीनीअर सी. आर. पाटिल के सम्मान में प. पू. आ. ग. ज्ञानमती माताजी एवं पू. चंदनामती माताजी का वक्तव्य

13. भगवान ऋषभदेव की दीक्षा

14. सप्तम पट्टाचार्य अनेकान्त सागरजी महाराज द्वारा दीक्षा –

◆ आर्यिका दीक्षा: क्षुल्लिका श्री प्रार्थनामती माताजी को आर्यिका दीक्षा प्रदान – आर्यिका श्री प्रार्थनामती माताजी

◆ क्षुल्लक दीक्षा: श्री कोमलचंद जैन, कानपूर को क्षुल्लक दीक्षा प्रदान – पू. क्षुल्लक उत्सवसागर जी

📍📍📍📍📍📍📍📍📍

🌄 सायंकाल 🌄

15. आरती एवं भक्तों द्वारा उल्लासपूर्वक भक्ति

16. सांस्कृतिक कार्यक्रम

◆ भक्ति नृत्य

◆ भजन संध्या – द्वारा गीतकार कविता पौडवाल (सुप्रसिद्ध गीतकार अनुराधा पौडवाल की पुत्री)

📍📍📍📍📍📍📍📍📍

✨✨✨✨✨✨✨✨✨
🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩🚩