मांगीतुंगी पंचकल्याणक महामहोत्सव के अन्तर्गत 1-3 मार्च 2016 मे विद्वत सम्मेलन आयोजित

मांगीतुंगी पंचकल्याणक महामहोत्सव के अन्तर्गत 1-3 मार्च 2016 मे विद्वत सम्मेलन आयोजित,

प. पू. गणिनी ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा और आशीर्वाद से निर्मित१०८ फुट भगवान ऋषभदेव की प्रतिमा के पंचकल्याणक एवं मस्तकाभिषेक के अवसर पर अखिल भारतीय विद्वत सम्मेलन का तीर्थंकर ऋषभदेव विद्वत महासंघ के द्वारा आयोजित किया गया।जिसमें करीब 125 सरस्वती पुत्रों ने महासंघ के महामंत्री डॉ. अनुपम जी जैन इंदौर के संयोजन मे पधार कर महोत्सव को गोरवान्वित किया।

विद्वतजनों ने सप्तम पट्टाचार्य श्री अनेकांतसागर जी महाराज एवं समस्त आचार्य संघ एवं प. पू. गणिनी ज्ञानमती माताजी, पू. प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चंदनामति माताजी,पीठाधीश स्वस्तिश्री रवींद्रकीर्ति स्वामीजी के सानिध्य मे पूज्य गणिनीप्रमुख आर्यिका शिरोमणी ज्ञानमती माताजी को “अभिनव ब्राम्ही” पद से विभूषित कर अपना सौभाग्य माना।

इस अवसर पर वहाँ उपस्थित सभी सरस्वतिपुत्र विद्वानों के साथ इंद्रो ने भी भगवान का महामस्तकाभिषेक किया ,जिसकी विद्ववानो ने अलंकार युक्त भाषा में इंद्रों की सराहना की।

आचार्य श्री अनेकांतसागर जी महाराज एवं प. पू. गणिनी ज्ञानमती माताजी, पू. प्रज्ञाश्रमणी आर्यिका चंदनामति माताजी,महासंघ के अध्यक्ष पीठाधीश स्वस्तिश्री रवींद्रकीर्ति स्वामीजी,महामंत्री डॉ.अनुपम जैन ने खुले अधिवेशन मे विद्धवानो को मार्गदर्शन देकर आव्हान किया और संकल्प लिया कि विद्धवान मूल आचार्य प्रणीत ग्रन्थो मे परिवर्तन, परिवर्धन,एवं संशोधन न करें, तथा जँहा हो वहाँ विरोध अवश्य करें।

पुज्य माता जी के द्वारा दोनों घोषणा का 1-प्रत्येक 6 बर्ष मे मस्तकाभिषेक होगा। 2- ऋषभगिरि मांगीतुंगी तीर्थ का प्रथम पीठाधीश स्वस्तिश्री रवींद्रकीर्ति स्वामीजी को घोषित किया , का सभी विद्ववानो ने सहर्ष अनुमोदन किया।

विद्वत सम्मेलन के मुख्य अतिथि श्री डॉ. डी.सी. जैन दिल्ली,सारस्वत अतिथि श्री हम्पा नागरजेया बंगलौर थे।सम्पूर्ण कार्यक्रम का सयोंजन महासंघ के महामंत्री डॉ. श्री अनुपम जैन ने किया, तथा महासंघ के कार्याध्य्क्ष श्री पं. खेमचन्द्र जी जबलपुर एवं मंत्री श्री पं. सुरेश जैन मारोरा इंदौर, का भी विशेष सहयोग रहा ।

प्रेषक
सुबोध मारोरा इंदौर